Advertisement

आखरी सांसे गिन रही है वाराणसी से राखी बांधने आई अंजू

धारावी गैस कांड में 2 की मौत 3 की हालत गंभीर

मुश्ताक खान/मुंबई। धारावी गैस कांड में 2 की मौत हो गई है और 3 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। जिंदगी और मौत से जूझ रहे राजेश कुमार पुजारी (Rajesh Kumar Pujari) का हंसता खेलता परिवार एक झटके में तबाह हो गया।

अब उनका एक मात्र लड़का सुशील कुमार जयसवार ही बचा है। इस वर्ष का रक्षा बंधन इस परिवार को रास नहीं आया। हर साल कि तरह इस वर्ष उनकी बड़ी बहन बेचना देवी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से रक्षा बंधन के अवसर पर अपने भाई को राखी बांधने आई थीं।

उनके साथ उनकी बेटी अंजू गौतम जयसवार भी मामा से मिलने व अपने ममेरे भाइयों को राखी बांधने और मुंबई घुमने के लिए आई थी। जो अब अपने सगे मामा के साथ जिंदगी  और मौत से जूझ रही हैं। हालांकि अंजु की मां कुशल हैं।

गौरतलब है कि शाहू नगर पुलिस स्टेशन (Police station) कि हद में स्थित जस्मिन मिल रोड़ पर सुन्नी रज़ा मस्जिद गल्ली में रविवार को रसोई गैस सिलिंडर ब्लास्ट हुआ। इस हादसे में प्राथमिक जानकारी में 15 लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी।

लेकिन समय के साथ आंकड़ा बढ़ता गया। स्थानीय जानकारों के मुताबिक इस हादसे में जलने और झुलसने वालों के अलावा खुद को बचाने के चक्कर में कुछ लोगों ने अपना हाथ -पैर तोड़वा लिया।

इसके अलावा अन्य कई लोग ऐसे हैं जिन्हें मामूली चोटें आई है। ऐसे लोग सायन हॉस्पिटल जाने के बजाय निजी दवाखानों में अपना इलाज करा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि भाई को राखी बांधने आई बड़ी बहन बेचना देवी जयसवार सुरक्षित हैं। लेकिन उनका सगा भाई राजेश कुमार महादेव पुजारी और उनकी बेटी अंजू गौतम जयसवार (22) दोनों ही अब जिंदगी और मौत से जुझ रहे हैं।

जब कि इस परिवार के दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस हादसे में मरने वालों में महज 6 साल का सोनू राजेश जयसवार ने 31 अगस्त को दम तोड़ दिया। वहीं 1 सितंबर की रात करीब 11 बजे उसकी मां संतारा राजेश जयसवार (32) की मौत हो गई।

जबकि संतारा देवी के पति राजेश कुमार महादेव पुजारी (45) फिलहाल जिंदगी और मौत से जुझ रहे हैं। इसी तरह शौकत अली (58) और अंजू गौतम जयसवार (22) की हालत बेहद गंभीर है। बताया जाता है कि राजेश जयसवार परीवार में दो बच्चे व पति पत्नी सुन्नी रज़ा मस्जिद गल्ली में रहते थे।

अब इस परिवार में राजेश जयसवार का एक बेटा सुशील राजेश कुमार जयसवार (8) ही बचा है। इस परीवार की मदद में समाजसेवकों के अलावा पास पड़ोस के लोग भी लगे हैं। इनमें इमाम आजम की टीम, जावेद शेख, मुश्ताक चौधरी आदि लोग दिन रात सायन अस्पताल के वार्डों की निगरानी कर रहे हैं।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *