एस.पी.सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला (Bokaro district) के हद में बेरमो कोयलांचल स्थित सीसीएल के श्रमिक आवासों तथा उपयोग में होने वाले कार्यालय के साथ रोड, नाली, छाई उक्त सभी चीजों की साफ-सफाई और मरमति का कार्य असैनिक विभाग के माध्यम से होता है।
प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपया का खर्च उपरोक्त सभी कार्यों में किया जाता रहा है। विभाग की लापरवाही इस तरह प्रदर्शित होती है कि इन्हें देखने वाला या इनके द्वारा जो किए जा रहे कार्य उसकी निगरानी किसी के बस की बात नहीं है।
सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग कोलियरी परियोजना कार्यालय के सामने स्वांग हॉस्पिटल है। एक तरफ स्वांग हॉस्पिटल की चारदीवारी पिछले 2 वर्षों से मरम्मति के अभाव में अपने अस्तित्व बचाने का इंतजार कर रहा है। हॉस्पिटल के बगल में सुरक्षा विभाग का कार्यालय है।
कार्यालय के ऊपर उगे पौधे इस व्यवस्था को प्रमाणित करता है, कि वन विभाग यहीं पर कार्यरत है। ऐसा व्यवस्था के आलम से प्रतीत होता है कि असैनिक विभाग की लापरवाही से जो काम मात्र सैकड़ों में हो सकता है वही कार्य पूरा करने के लिए लाखों रुपया खर्च करना पड़ता है।
बेरमो कोयलांचल में ऐसे दर्जनों उदाहरण भरे पड़े हैं। यह सिर्फ उदासीन रवैया असैनिक विभाग के परिणाम का घोतक है। इस संदर्भ में 29 अगस्त को राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ कथारा क्षेत्र के अध्यक्ष सह बेरमो विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने कहा कि क्षेत्र का असैनिक विभाग सफेद हाथी साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस विभाग (Department) में करोड़ों रुपया खर्च के बावजूद समस्याएं मुंह बाए खड़ी है। ऐसे प्रस्तुति में जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि असैनिक विभाग द्वारा किये जाने वाले खर्च सही धरातल पर होते हैं या उस पैसे का बंदरबांट होता है।
इस संदर्भ में कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक से उन्होंने मांग किया है कि विभाग पर अंकुश लगाए जाने की आवश्यकता है, जिससे श्रमिकों के वेलफेयर कार्य और कंपनी के हितों की रक्षा हो सके।
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