घास वाले बाबा के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटा
मुश्ताक खान/ मुंबई। शहर मुंबई और उपनगरों के दरगाह शरीफों में घास वाले बाबा (Ghas wale baba) का नाम हमेशा चर्चाओं में रहा है। इस बार दरगाह शरीफ तक पहुंचने के रास्ते को लेकर सुर्खियों में है। मौजूदा समय में इस दरगाह शरीफ पर हिन्दू -मुस्लिम -सिख- इसाई सभी जाती और धर्मों के श्रद्धालुओं द्वारा चादर पोशी की जाती है।
श्रद्धा और आस्था के इस केंद्र में हर गुरूवार को लंगर का भव्य आयोजन किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार वाशीनाका (Vashinaka) के माहुल रोड पर स्थित घास वाले बाबा के दरगाह से अब तक कोई भी खाली हाथ नहीं लौटा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम बारिश होने के कारण माहुल रोड से दरगाह शरीफ जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पानी से भरा था। बता दें कि इस रास्ते पर मझगांव डक का पटेल नगर भी है। पटेलनगर की जनता भी सड़क की बदहाली से बेहद परेशान हैं।
बहरहाल बाबा के श्रद्धालुओं ने कीचड़ और पानी से भरे तंग सड़क को पार कर बड़ी संख्या में चिराग के दौरान दरगाह शरीफ पहुंच कर शामिल हुए। देख-भाल के अभाव में यहां का रोड पूरी तरह खराब हो चुका है। इस रास्ते पर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है की सड़क पर गड्ढा है या गड्ढे में सड़क ? इसके बावजूद घास वाले बाबा के श्रद्धालु जयारत के लिए आते हैं।
मान्यताओं के अनुसार घास वाले बाबा गाजी मलंग के दरबार से कोई भी सवाली खाली हाथ नहीं लौटा। इस दरगाह की खासीयत यह है की जो भी मुरादें लेकर आता है उसकी मन्नतें पूरी होती है। इस दरगाह शरीफ की दुआओं के असर से अनगिनत लोग नगरसेवक, विधायक और सांसद तक का सफर तय किया है। इसके बाद भी दरगाह शरीफ तक जाने के रास्ते पर किसी का ध्यान नहीं है।
इस गुरूवार को राष्ट्रीय भीम सेना व भीम आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष आर आर पांडियन भी घास वाले बाबा के चिराग में शामिल हुए और लंगर का लुत्फ लिया। घास वाले बाबा के ट्रस्टी सूफी जमाल खान ने बताया की आगामी शनिवार को हर साल की तरह यहां बाबा का उर्स है।
उन्होंने चिंता जताई है कि बदहाल सड़क की वजह से आम लोगों को यहां तक पहुंचने में काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ेगा। काश मनपा या एमएमआरडीए इस सड़क पर भी ध्यान दिया होता तो, बदहाल सड़क की सूरत कुछ और होती।
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