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तेनुघाट चित्रगुप्त महापरिवार ने श्रद्धापूर्वक मनाया चित्रगुप्त पूजा

ममता सिन्हा/तेनुघाट(बोकारो)। “मसी भाजन संयुक्तश्चरिस्त्वं महीतले लेखनी कटनी हस्त चित्रगुप्त नमस्तुभ्यं” के जयघोष से 16 नवंबर को गूंज उठा तेनुघाट (Tenu ghat) और आसपास के क्षेत्र। जब तेनुघाट चित्रगुप्त महापरिवार के लोगों ने भगवान चित्रगुप्त की श्रद्धा भक्ति से पूजा की। मौके पर बड़ी संख्या में चित्रगुप्त महापरिवार के गणमान्य उपस्थित थे।
बताते चलें कि तेनुघाट स्थित चित्रगुप्त मंदिर प्रांगण में भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति की पूजा स्थानीय चित्रांश परिवार के लोगो के द्वारा किया गया। पूजा कार्यक्रम सरकारी निर्देश ( Government directive) के आलोक में कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए पूजा किया गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि कोविड 19 के कारण इस बार सामुहिक प्रीतिभोज का आयोजन नहीं किया गया। बच्चों के द्वारा किया जाने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं किया गया। पूजा के समय समिति के संरक्षक कुमार अनंत मोहन सिन्हा, मोहन प्रसाद श्रीवास्तव, सुरेश कुमार सिन्हा, अरुण कुमार सिन्हा एवं हरिशंकर प्रसाद, सहायक संरक्षक विजय कुमार बबन, विजय कुमार सिन्हा एवं लाला त्रिपुरारी लाल, अध्यक्ष अजीत कुमार लाल, उपाध्यक्ष रत्नेश प्रसाद श्रीवास्तव, रमेंद्र कुमार सिन्हा एवं संजय कुमार अम्बष्ठ, महासचिव सुजीत कुमार सिन्हा, सहायक सचिव शुभम श्रीवास्तव, सुभाष कटरियार एवं संतोष श्रीवास्तव (मुन्ना), कोषाध्यक्ष रतन कुमार सिन्हा, सहायक कोषाध्यक्ष विजय कुमार अम्बष्ठ एवं निलेश कुमार, कार्यालय सचिव आनंद कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार अम्बष्ठ, मिथिलेश कुमार एवं राकेश कुमार, कार्यकारिणी सदस्य सुनील कुमार, शंकर कुमार सिन्हा, दीपेंद्र कुमार श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, आलोक रंजन, सोनू सचिन, कुंदन कुमार, प्रीतीश कुमार, रोहित कुमार एवं चित्रांश परिवार के सदस्यगण मौजूद थे। वहीं तेनुघाट चित्रगुप्त महिला सहभागिनी के संरक्षक रेखा सिन्हा, अध्यक्ष शालिनी सिन्हा, महासचिव ममता कटरियार, कोषाध्यक्ष सीमा सहाय, ममता सिन्हा, रानी सहाय आदि ने भी बताया कि हम सभी चित्रांश परिवार के सदस्यों ने भगवान से यही मांगा कि जितनी जल्दी हो कोरोना समाप्त हो जाए। एक बार फिर हम सभी अमन चैन के साथ रहने लगे। पूरे देश में शांति का वातावरण कायम हो। इसके साथ ही अगले वर्ष फिर से हम लोग धूमधाम से और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ पूजा कर सके।

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