सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा क्षेत्र में सेल प्रबंधन द्वारा राजाबुरु खदान को जल्द चालू किए जाने की तैयारी चल रही है। इसी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में चिंता के साथ-साथ आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
झारखंड मजदूर यूनियन अध्यक्ष मोहन महतो, महामंत्री हेमराज सोनार, उपाध्यक्ष सुभाष दास एवं सलाहकार कपिलेश्वर दोंगों की अगुआई में बेरोजगार महिलाओं एवं पुरुषों की आकस्मिक बैठक 8 फरवरी को राजाबुरु में की गयी। बैठक में यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि राजाबुरु खदान चालू होने के बाद आसपास के गांवों के ग्रामीणों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई, तो खदान को बंद कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा। बैठक में सभी ने एक स्वर में कहा कि खदान क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय युवक-युवतियों को रोजगार में प्राथमिकता देना उनका संवैधानिक और नैतिक अधिकार है।
बैठक में कहा गया कि खदान खुलने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, लेकिन यदि बाहरी कामगारों को तरजीह दी गई और स्थानीयों की अनदेखी हुई, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। कहा गया कि ग्रामीणों की जमीन, जंगल और पर्यावरण से जुड़ा यह क्षेत्र है, इसलिए यहां के रोजगार पर यहां के रहिवासियों का पहला हक बनता है। बैठक में सोमा महतो, आलोक डडका, पप्पू करुवा, मंगल लकड़ा, अविनाश, आकाश हुराद, मुन्ना करुवा, मोहन लागुरी, पन्दूश तुबीड, वीरु करुवा, मोहन लागुरी, कृष्णा गुच्छैत, मोहन पूर्ति, विनय सिंकू व अन्य कई शामिल थे।
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