प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग, धनबाद और बोकारो जिले में प्रवासी मजदूरों की लगातार मौत, अपहरण, हत्या और परदेस में फंसने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसी कड़ी में अब गिरिडीह जिला के हद में सरिया थाना क्षेत्र के कपलों पंचायत के चिरवां रहिवासी स्वर्गीय सुलेमान अंसारी के 35 वर्षीय पुत्र ताहीर अंसारी की बीते 21 जुलाई को गुजरात में मौत की सूचना है।
बताया जाता है कि सूचना मिलते ही मृतक प्रवासी मजदूर ताहिर के परिजन गमगीन हो गए हैं। ज्ञात हो कि, मृतक ताहीर परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे।ताहीर अंसारी गुजरात में टावर लाइन में कार्यरत थे। वे अपने पीछे 13 वर्षीय पुत्र साहिल अंसारी, 10 वर्षीय शोएब रजा, 7 वर्षीय चांद अंसारी और 5 वर्षिया पुत्री समीरा खातून को छोड़ गए हैं।

प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले क्षेत्र के समाजसेवी सिकन्दर अली ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं के मरने की यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई प्रवासी मजदूरों की दूसरे प्रदेश एवं विदेशो में मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में परदेश गए प्रवासी झारखंडी मजदूरों की मौत की खबर आए दिन आती रहती है। हर दिन झारखंड के किसी न किसी इलाके से दूसरे राज्यों या विदेश में प्रवासी मजदूरों की मौत की खबर आ रही है। ऐसे में झारखंड सरकार को पलायन को लेकर ठोस नीति बनाने की जरूरत है।
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