एसडीओ व् डीएसपी से वार्ता के बाद माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कराया अनशन खत्म
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना कांड क्रमांक-264/25 के एक महीने बीतने के बाबजूद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने के खिलाफ मगरदही, बारह पत्थर रहिवासी दीनबंधु सपरिवार द्वारा एसपी के समक्ष बीते 21 जुलाई से समाहरणालय पर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन आमरण अनशन दूसरे दिन 22 जुलाई को समाप्त हो गया।
अनुमंडल कार्यालय कक्ष में अनुमंडलाधिकारी दीलीप कुमार, अनुमंडल पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार पांडेय से पीड़ित दीनबंधु समेत भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह आदि के साथ सम्मानजनक वार्ता हुई। अधिकारियों के मुकदमा का सुपरविजन कर तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी करने के आश्वासन के बाद आमरण अनशन समाप्त कर दिया गया।
मौके पर भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि पुलिस के मनमानी एवं भ्रष्ट कार्यशैली के कारण पीड़ितों को न्याय से वंचित रहना पड़ता है। पुलिस-अपराधी मिलीभगत के कारण शहर के अंदर बाहरी हथियारबंद अपराधियों को बुलाकर तांडव करवाया गया और पुलिस मुकदर्शक बनी रही।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फूटेज में पिस्तौल, राॅड, लाठी, डंडे से किया जा रहा तांडव कैद है। मामले को लेजा एफआईआर हुआ, लेकिन पैसा-पैरवी के कारण अपराधी की गिरफ्तारी नहीं किया गया। यह जदयू-भाजपा के सुशासन की सरकार पर काला धब्बा है।

अनशनकारी महिला सुंदरी देवी ने कहा कि मुफस्सील थाना कांड क्रमांक-264/25 मामले में पैसा इतना हावी रहा कि घटना के एक महीने से अधिक हो गया, लेकिन एक भी अपराधी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि डीएसपी स्तर से केस का सुपरविजन कर घटना का सुसंगत धारा जोड़कर सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, पीड़ित परिजनों को सुरक्षा देने, तोड़फोड़ में बर्बाद संपत्ति का मुआवजा देने की मांग की गयी है। पीड़ित अनशनकारी दीनबंधु प्रसाद ने बताया कि अगर हमारी मांग तत्काल पूरा नहीं किया जाता है तो 15 दिन बाद समाहरणालय परिसर में पुनः अनशन-आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
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