
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। एक ओर देश डिजिटल इंडिया की राह पर है, वहीं बोकारो जिला के हद में चास प्रखंड के कलापत्थर पंचायत स्थित गोमदीडीह गांव के पिपराबेड़ा टोला के रहिवासियों को आज भी मुख्य सड़क तक पहुँचने के लिए तालाबनुमा कच्ची पगडंडी से होकर गुजरना पड़ता है।
बोकारो जिला मुख्यालय से महज 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह टोला आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है। बरसात में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। पानी का गहरा जमाव हो जाता है, जिससे बच्चों की स्कूल जाने की राह बंद हो जाती है और ग्रामीण घरों में कैद होकर रह जाते हैं। अगर किसी को अस्पताल ले जाना हो, तो उसे खटिया पर लादकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है।
उक्त पंचायत के मुखिया दिनेश कुमार रजक ने 16 जुलाई को एक भेंट में बताया कि उन्होंने इस गंभीर स्थित की जानकारी बोकारो उपायुक्त को दी है, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जल्द सड़क निर्माण का आश्वासन दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाएँ कागजों पर ही सीमित हैं, ज़मीनी हकीकत कुछ और बयां करती है।
मौके पर पहुंची बोकारो की उप विकास आयुक्त ने माना कि मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने इसे शीघ्र प्राथमिकता पर सुलझाने की बात कही है।
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